कोलकाता मे स्थित बहुमंजिले ईमारत एक पर्यावेट अस्पताल(AMRI) में आग लगने से 89 लोगो की मौत हो गई, और 150 से ज्यादा घायल, आग अस्पताल के बेसमेंट से ही झुलसनी शुरु हो गई थी, और देखते ही देखते आग ने भीषण रुप धारण कर लिया,यह आग इतनी भयानक थी के इस पर काबू पाना भी मुशकिल था, यह अस्पताल भारत के बेहतरीन सुपरस्पेशलिस्ट अस्पतालों मे से एक हैं, जहां विदेशी भी ईलाज़ कराने आते हैं इतने बडे और अच्छे अस्पताल मे आग लगने का कारण वही के कुछ मिलीभगत लोगों का हो सकता है, क्यों की जब ईतना बडा अस्पताल हे वहां तो सिक्योरिटी भी होगी और जब इतनी सिक्योरिटी के बाद भी आग पर काबू नही पाया गया तभी इस आग ने एक भीषण रुप धारण किया जिसके जिम्मेदार वहां कि Association को ही माना जा सकता हैं,
ऊपर से आग लगने पर जब अग्नि शमन पर काबू पाने वालों को बुलाया गया तो वह भी अपनी नकाबिलीयत को दिखा गए, लेट तो आए ही थे साथ ही बचाव कार्य के बिना ही आए,इन्ही सब बातों और इन्ही हरकतों से पता चलता हे की देश मे इतने भ्रष्ट लोग भरे हें जो लोगों की जान की परवाह किए बिना ही चन्द रुपयों की खातिर ज़रा भी नही कतराते, एसे भ्रष्ट लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा सुनानी चाहिेए, अगर इसी तरह के हादसे देश मे इन भ्रष्ट लोगों की वज़ह से होते रहे तो वो दिन दूर नही, जब ये भ्रष्ट लोग हमे भी निगल जाएगें,
हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मनमोबन सिंह ने अपने जवाबों में वही कहा की मरने वालों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार दिया जाएगा, सरकार इन लोगों को पैसा तो देती है और फिर महंगाई बड़ाकर वापस उनकी जेब से वसुल भी कर लेती हैं आखिर कब तक चलेगा ये सब सरकार क्यों नही समझती लोगों को पैसो की नही बल्कि उनके साथ और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के इन्तज़ाम की ज़रुरत है अगर ये बात सरकार की समझ मे आ जाए तो फिर इस तरह के हादसों की संख्या भी कम हो जाएगी,
और न ही लोगों को कोई मुआवज़ा देना पड़ेगा और न ही कोई महंगाई बड़ेगी....... और बेकसूर लोगों की ज़ान भी बच सकेगी|
ऊपर से आग लगने पर जब अग्नि शमन पर काबू पाने वालों को बुलाया गया तो वह भी अपनी नकाबिलीयत को दिखा गए, लेट तो आए ही थे साथ ही बचाव कार्य के बिना ही आए,इन्ही सब बातों और इन्ही हरकतों से पता चलता हे की देश मे इतने भ्रष्ट लोग भरे हें जो लोगों की जान की परवाह किए बिना ही चन्द रुपयों की खातिर ज़रा भी नही कतराते, एसे भ्रष्ट लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा सुनानी चाहिेए, अगर इसी तरह के हादसे देश मे इन भ्रष्ट लोगों की वज़ह से होते रहे तो वो दिन दूर नही, जब ये भ्रष्ट लोग हमे भी निगल जाएगें,
हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मनमोबन सिंह ने अपने जवाबों में वही कहा की मरने वालों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार दिया जाएगा, सरकार इन लोगों को पैसा तो देती है और फिर महंगाई बड़ाकर वापस उनकी जेब से वसुल भी कर लेती हैं आखिर कब तक चलेगा ये सब सरकार क्यों नही समझती लोगों को पैसो की नही बल्कि उनके साथ और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के इन्तज़ाम की ज़रुरत है अगर ये बात सरकार की समझ मे आ जाए तो फिर इस तरह के हादसों की संख्या भी कम हो जाएगी,
और न ही लोगों को कोई मुआवज़ा देना पड़ेगा और न ही कोई महंगाई बड़ेगी....... और बेकसूर लोगों की ज़ान भी बच सकेगी|
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